अवैध रेत के कारोबार में हो रही दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की थांदला में बन रहे अवैध रेत के ठिए, प्रशासन का कोई खौफ नहींलगता है प्रशासन कम्बल ओढ़ कर घी पी रहा हैं ?
थांदला - अवैध रेत माफियाओं का कारोबार थांदला क्षेत्र में दिन दुनी रात चौगुनी तरक्की करता जा रहा है । अब इन रेत माफियाओं पर प्रशासन का खौफ नजर नहीं आ रहा है। रेत माफिया बेखौफ होकर अपना कारोबार कर रहे हैं,और अब स्थिति यह है कि प्रतिदिन दर्जनों रेत के अवैध डंफर, ट्राले थांदला नगरीय क्षेत्र में भी अवैध रूप से रेत भरकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। अवैध रेत के कारोबारी डंपर,ट्राले में 20-25 टन रेत भरने की अनुमति(रॉयल्टी) लेने के बाद 60-65 टन रेत भरकर रेत का अवैध परिवहन बेखौफ हो कर रहे है और इन अवैध रेत माफियाओं पर प्रशासन पर कोई भी कार्यवाही नहीं कर रहा है ।
बेखौफ होकर चल रहे अवैध रेत के कारोबार को देखकर यही लग रहा है कि शायद प्रशासन भी कम्बल ओढ़ कर घी पी रहा है तभी तो थांदला क्षेत्र में अवैध रेत का कारोबार इतनी तेज़ी से बढ़ रहा और प्रशासन मुकदर्शक बना हुआ है।
प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं करने की वजह से ही अब थांदला क्षेत्र में रेत के कई अवैध ठिए (रेत भंडारण कर बेचने की जगह) बन चुके हैं बेखौफ होकर रेत का अवैध कारोबार बढ़ता चला जा रहा है। कई बार नागरिकों द्वारा अवैध रेत के वाहनों की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। बीते शनिवार को भी सुबह 3 डंपर थांदला लाखीयाखाली पेट्रोल पंप के पास देखे गए।जिनकी सूचना प्रशासनिक अधिकारीयो को भी दी गई लेकिन अधिकारियों को सूचना देने के दो ढाई घंटे बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
अवैध रेत परिवहन को सख्ती से रोकने के लिए सरकार ने 2022 में नया कानून बनाया। जिसे लागू भी कर दिया गया है। । खनिज साधन विभाग ने मप्र खनिज (अवैध खनन, परिवहन और भंडारण का निवारण) नियम- 2022 लागू कर दिया । राज्य सरकार ने इस संबंध में बाकायदा अधिसूचना भी जारी कर दी है। अब नए नियमों के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना वैध परिवहन के रेत का परिवहन करते हुए पकड़ाया तो ऐसे मामले में तय रायल्टी का 15 गुना तक वसूली हो सकेगी। इस मामले में बाकायदा पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क भी वसूली जाएगा। नए नियमों में प्रावधान किया गया है कि जहां कोई व्यक्ति मप्र गौड़ खनिज नियम-1996 या फिर मप्र रेत खनन, परिवहन, भंडारण एवं व्यापार नियम-2019 या फिर विभाग द्वारा प्रचलित अन्य किसी तरह के नियमों का उल्लंघन करते हुए वैध परमिट के बिना खनिज का परिवहन कराता है तो ऐसे मामले में खनिज की रायल्टी का 15 गुना तक पेनाल्टी की वसूली की जा सकती हैं ।
लेकिन ये सारे कानून थांदला क्षेत्र में लागू होते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं और रेत माफियाओं का दबदबा बढ़ता चला जा रहा है।
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