मध्य प्रदेश में सभी अहाते बंद होगे, शराब दुकान पर बैठ कर नही पी सकेगे शराब


मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के शराब के खिलाफ अभियान के प्रेशर का असर दिखा है। प्रदेश में अब शराब दुकानों पर बैठकर शराब नहीं पी सकेंगे। यानी दुकानों से शराब की बिक्री तो होगी, लेकिन वहां बैठकर पीने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, प्रदेश में सभी अहाते भी बंद किए जाएंगे।
ये निर्णय रविवार को हुई शिवराज कैबिनेट की बैठक में लिया गया। बैठक में नई शराब नीति पर भी चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि अब धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं, गर्ल्स स्कूल, गर्ल्स कॉलेज, हॉस्टल से शराब दुकान की दूरी 100 मीटर करने का प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। 
प्रदेश में अब जितने भी अहाते हैं, उन्हें बंद किया जा रहा है। इसी तरह, शॉप बार में शराब पीने की अनुमति थी। शराब दुकानों से केवल शराब की बिक्री होगी, बल्कि बैठकर शराब पीने की अनुमति नहीं होगी। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लाइसेंस भी सस्पेंड होंगे।
पिछले काफी समय से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती शराब नीति में संशोधन करने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए वे लगातार अपनी ही सरकार का विरोध करती रही हैं। उन्होंने भोपाल में शराब दुकान पर पत्थर फेंका था। कुछ दिन पहले मंदिर तक में डेरा डाल लिया था। यही नहीं, वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र तक लिखकर पीड़ा जाहिर कर चुकी हैं।


दो तरह से मिलता है लाइसेंस

ऑन कैटेगिरी की दुकान- ये अहाता होता है, जिसमें शराब दुकान के साथ यहां बैठकर पीने की भी व्यवस्था रहती है। इसके लिए मंजूरी लेनी पड़ती है।
ऑफ कैटेगिरी की दुकान- ये शॉप बार होती है। यहां से शराब की बिक्री तो होती है, लेकिन पीने की व्यवस्था नहीं होती, लेकिन आबकारी विभाग को दुकान की लाइसेंस फीस का दो प्रतिशत शुल्क चुका कर यहां पीने की व्यवस्था की जा सकती है।

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