9 साल की बच्ची की मामा ने ही की थी दुष्कर्म के बाद हत्या
शाहिद ज़ैनब
झाबुआ - 9 साल की नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस इस जघन्य और वीभत्स मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। झाबुआ एसपी अगम जैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बालिका का नाबालिक मामा ही इसमें आरोपी है। पुलिस के मुताबिक रात को 1:30 बजे बालिका शौच जाने के लिए उठी थी, उसका मामा ही उसको शौच कराने से गया। जिसके बाद उसकी नियत खराब हो गई और उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस हैवानियत के बाद बालिका बेहोश हो गई। नाबालिग मामा ने घबरा कर उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और लाश को वहीं नदी किनारे झाड़ियों फेंक दिया।
गुरुवार को झाबुआ के कोटड़ा गांव में एक 9 साल की लड़की की लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी । मृतक लड़की जोबट के पास किसी गांव के रहने वाली है जो अपने परिवार के साथ शादी में कोटड़ा गांव में आई थी।
घटना सामने आते ही झाबुआ एसडीओपी बबीता बामनिया और पुलिस जांच में जुटी गई थी ।
बालिका की मां के अनुसार रात को 1:30 बजे तक बच्ची लेटी हुई थी, उसके बाद नहीं दिखी। रात भर परिजन ढूंढते रहे सुबह गांव में नाले के पास में लाश मिली थी।
लड़की के नाक से खून बह रहा था और गले पर भी जख्म के निशान हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया। परिजनों को दुष्कर्म की आशंका व्यक्त की थी।
अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में झाबुआ कोतवाली पुलिस को काफी मेहनत करना पड़ी। बारीकी से और तकनीकी और वैज्ञानिक साधनों का इस्तेमाल माल कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पूरी पड़ताल में एसडीओपी बबीता बामनिया झाबुआ कोतवाली थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गडरिया, चौकी प्रभारी पल्लवी भाबर के साथ एसआई श्याम कुमावत, एएसआई प्रवीण पाल, एएसआई अमित, प्रधान आरक्षक 341 जितेंद्र सांखला, प्रधान आरक्षक 152 रमेश, आरक्षक अजीत, आरक्षक गम, आरक्षक 237 प्रकाश, आरक्षक अनसिंह, आरक्षक प्रेम सिंह, आरक्षक 159 राकेश, सैनिक अंतर सिंह, आरक्षक रतन, आरक्षक मंगलेश पाटीदार का योगदान सराहनीय रहा ।
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