झाबुआ,थांदला विधानसभा के उम्मीदवारों को कांग्रेस ने दी हरी झंडीपेटलावद विधानसभा से वालसिंह मेड़ा या कोई और होगा कांग्रेस का उम्मीदवार?
शाहिद ज़ैनब
झाबुआ - मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के 95 मौजूदा विधायक को में से 70 विधायकों को चुनाव की तैयारी करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ की तरफ से हरी झंडी मिल गई है। इनके नाम जुलाई के अंतिम सप्ताह या अगस्त के पहले सप्ताह में घोषित हो सकते है । बाकी की सीटों पर फैसला पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के फीडबैक और हाईकमान द्वारा नियुक्त किए गए चार ऑब्जर्वर की सर्वे रिपोर्ट के बाद होगा। संभावना है कि यह रिपोर्ट अगस्त माह तक संगठन को मिल जाएगी। वही सूत्रों के द्वारा यह भी बात सामने आ रही है कि 20 से 22 ऐसे मौजूदा कांग्रेस के विधायक हैं जिनका आने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट कट सकता है । अगर हम झाबुआ जिले की बात करें तो झाबुआ जिले में झाबुआ,थांदला व पेटलावद तीन विधानसभा सीट आती है इन 3 विधानसभा सीटों में झाबुआ विधानसभा से कांतिलाल भूरिया या विक्रांत भूरिया विधानसभा टिकट पक्का माना जा रहा है,वहीं थांदला विधानसभा क्षेत्र के गांधीवादी छवि रखने वाले के वीर सिंह भूरिया का भी 2023 विधानसभा में टिकट पक्का माना जा रहा है । लेकिन झाबुआ विधानसभा झाबुआ जिले के अंतर्गत आने वाली पेटलावद विधानसभा के मौजूदा कांग्रेसी विधायक का टिकट फिलहाल तो फाइनल नहीं कहा जा सकता सूत्रों की माने तो पेटलावद विधानसभा के लिए मौजूदा विधायक को हरी झंडी नहीं मिल पाई है। कांग्रेस झाबुआ जिले में पेटलावद विधानसभा में सोच समझकर ही अपना विधायक उम्मीदवार चुनेगी । पेटलावद विधानसभा में मौजूदा विधायक पर ही कांग्रेस दोबारा से दाव लगाती है या फिर नए चेहरे को पेटलावद विधानसभा से मौका देती है यह आने वाला समय बताएगा । जल्द ही पेटलावद विधानसभा क्षेत्र के लिए कांग्रेस किसे उम्मीदवार बनाएगी यह स्पष्ट हो जाएगा । कयास भी लगाए जा रहे हैं कि मौजूदा पेटलावद विधानसभा के मौजूदा विधायक को दोबारा टिकट देने ना देने में पूर्व केंद्रीय मंत्री व वर्तमान में झाबुआ विधायक कांतिलाल भूरिया की सहमति अहम रोल अदा कर सकती हैं क्योंकि कांतिलाल भूरिया दिग्विजय सिंह के काफी करीबी हैं और पेटलावद विधानसभा में किसे टिकट देना या ना देना यह अंतिम निर्णय दिग्विजय के फीडबैक के बाद होगा।
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